
रायपुर। राजधानी रायपुर में ट्रैफिक पुलिस की घूसखोरी की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं। विभाग की किरकिरी होने के बाद अफसरों ने एक पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है, जो इस घूसखोरी के मामले में शामिल था। रायपुर शहर के बहुत से चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा चेकिंग जारी है। इन्हीं में से कुछ जगहों पर अक्सर लोगों से वसूली की जाती है। अब एक चौराहे पर वसूली की तस्वीरें सामने आई हैं। जिसके बाद रायपुर कप्तान ने इसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
बता दें, पूरा मामला वीआईपी रोड चौराहे का है। यह वीडियो जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें पदस्थ ट्रैफिक इंस्पेक्टर कृष्ण चंद्र सिदार के अंडर काम करने वाले कांस्टेबल अजीत साहू ने घूसखोरी की है। एक ड्राइवर को कांस्टेबल अजीत ने रोका था, कागजात की जांच की गई पाया गया कि कार के लाइसेंस पर ड्राइवर बड़े वाहन चला रहा है।कांस्टेबल अजीत ने इसके बाद ड्राइवर से कहा कि अब फाइन देना होगा। मामला फंसता देख ड्राइवर ने कांस्टेबल से कहा कि 100 रुपए ले लो और जाने दो। जवाब में अजीत ने कहा कि 100 रुपए का जमाना गया, 200 रुपए दे। ड्राइवर ने धीरे से रुपए कांस्टेबल को रुपए पकड़ा दिए और चलता बना। मगर इस पूरी घटना को वह अपने मोबाइल पर बड़ी चालाकी से रिकॉर्ड कर रहा था, बाद में यह वीडियो उसने बड़े अफसरों को भेजकर अजित के खिलाफ शिकायत कर दी।
पुलिस कप्तान को इस मामले की पता लगी तो आरक्षक अजीत साहू को निलंबित कर दिया गया। उसे अब पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर को इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। जिन इंस्पेक्टर कृष्णचंद्र सिदार अंडर अजीत की ड्यूटी थी उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।