
पाखंजुर से बिप्लब कुण्डू की रिपोर्ट-
पखांजुर। आदिवासी (Tribal) इलाकों में रहने वाले 26 युवाओं को हॉउस कीपर कम कुकिंग का प्रशिक्षण (training,) दिया गया। यह प्रशिक्षण बीएसएफ ( BSF) की 157वीं बटालियन की ओर से आदिवासी युवकों को दिया गया। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले आदिवासी युवाओं को क्रिएटिव ब्रेन इंडिया भोपाल एवं डीएसएससी नई दिल्ली की ओर से 64 दिनों का प्रशिक्षण दिया गया।
बीएसएफ ने क्यों दिया प्रशिक्षण
आदिवासी इलाकों में रहने वाले अल्प शिक्षित युवाओं को यह प्रशिक्षण बीएसएफ की 157 वीं बटालियन ने इस लिए दिलाया कि वे कहीं भी अपने लिए अच्छी सी नौकरी ढूंढ सकें। ऐसा होने से नक्सली उनकी ब्रेन वॉशिंग नहीं कर सकेंगे। ऐसे में ये आदिवासी युवा नक्सली बनने से बच जाएंगे।
बीएसएफ के अफसरों की कारगर रणनीति
पहुंच विहीन आदिवासी अंचलों में नक्सली और उनके दलाल आदिवासी युवकों की अशिक्षा और गरीबी का फायदा उठाकर उनको नक्सलवादी संगठनों में शामिल होने का लालच देते हैं। इस पूरी समस्या की जड़ अशिक्षा और कौशल विकास न हो पाना है। बीएसएस कमांडेंट नवीन मोहन शर्मा ने इसी कमी को हथियार बनाया। उन्होंने युवाओं को प्रशिक्षित कर उनको सक्षम बना दिया। इसके माध्यम से उनको कोई भी अच्छा आदमी अपने घर पर नौकरी दे देगा।
प्रशिक्षुओं के रहने खाने की व्यवस्था
प्रशिक्षुओं के रहने और खाने की पूरी व्यवस्था बीएसएफ की 157 वीं बटालियन ने की ताकि वे कायदे से प्रशिक्षण पूरा कर सकें। बीएसएफ के जांबाज अफसरों (officer) की इस रणनीति ने नक्सलियों के दलालों की रही सही कसर भी निकाल दी। बीएसएफ के अफसरों की इस दूरंदेशी वाली योजना की लोग तहेदिल से प्रशंसा कर रहे हैं।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में नवीन मोहन शर्मा कमांडेंट 157 बटालियन सीमा सुरक्षा बल पाखंजुर राजेन्द्र जायसवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,मयंक तिवारी उप पुलिस अधीक्षक एवं पी.डी. चंद्रा थाना प्रभारी पाखंजुर तथा स्थानीय पुलिस बल के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।