
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण फैली महामारी कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण हाहाकार मचा है। देश के सबसे अधिक संक्रमित राज्य महाराष्ट्र समेत अधिकांश हिस्सों में रेमडेसिविर की मांग काफी बढ़ गई है। इसके मद्देनजर हाल में ही सरकार ने रेमडेसिविर के निर्यात पर जहां रोक लगा दी है वहीं अब देश में रेमडेसिविर इंजेक्शन के उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने तथा इसकी कीमत कम करने का फैसला किया है।
रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिलने को लेकर अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने पुणे के जिला कलेक्टर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। अस्पताल में भर्ती अपने परिजन के लिए 3 दिन से इंजेक्शन ढूंढ रही एक महिला ने बताया कि अस्पताल ने कहा है कि इंजेक्शन हमें ही लाना होगा। पुणे के एडिशनल कलेक्टर विजय देशमुख ने गुरुवार को कहा कि हमारे यहां करीब 45,000 इंजेक्शन की मांग है, हम इंजेक्शन का स्टॉक बराबर बांट रहे हैं। चार-पांच दिन में हालात ठीक हो जाएंगे। कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक सिर्फ गंभीर मरीजों को ही रेमडेसिविर देना है, प्रोटोकॉल के हिसाब से ज्यादा मांग हो रही है।