
रायपुर। नवा रायपुर के प्रभावित किसान जनवरी माह से अपनी मांगों को लेकर धरने में बैठे हैं। इस बीच किसान और सरकार के बीच कई बैठके हुई। जिसमें से सरकार ने किसानों की 6 मांगों को मान भी ली लेकिन किसान अपनी पूरी मांग मनवाने पर आड़े हुए हैं। वहीं अब प्रभावित किसानों के आंदोलन को एक नई ऊर्जा मिलने जा रही है। अब राजधानी में किसानों का साथ देने किसान राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत शामिल होने जा रहे है. राकेश टिकैत नई राजधानी में किसानों के साथ 27 और 28 अप्रैल को रहेंगे। जहां वह आंदोलन को एक नई दिशा देंगे ताकि किसानों की जो मुख्य मांगे है वह पूरी हो सके।
लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत के आने से ठीक दो दिन पहले ही शनिवार और रविवार के दर्मियानी रात को पुलिस ने नवा रायपुर के एनआरडीए ऑफिस के सामने धरने पर बैठे किसानों पर बड़ी कार्रवाई की है। आधी रात साढ़े 3 बजे दल-बल के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने किसानों के टेंट हटाए। इस बीच कई किसानों के गिरफ्तारी की भी खबर आई। बताया जा रहा है कि धरने के दौरान किसान की पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत को आधार बनाकर किसानों को हटाया गया है। लेकिन जब किसानों के समर्थन में बीजेपी नेता व पूर्व विधायक पहुंचे तब उन्हें पुलिस ने छोड़ दिया।
एनआरडीए परिसर में 111 दिनों से किसान धरने पर बैठे हैं। ग्रामीण सियाराम पटेल की मौत की दंडाधिकारी जांच में भी बिना अनुमति धरना को समाप्त करने की अनुशंसा की गयी है।
वहीं किसानों का समर्थन देने आ रहे किसान नेता राकेश टिकैत ने अपने दौरे को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ में नया रायपुर में किसानों की बहुत सी जमीन जा रही है. नया रायपुर बस रहा है। वहां पर किसानों का काफी दिनों से धरना चल रहा है किसानों की अपनी मांग है। और सरकार के साथ बैठकर भी उनकी एक दो बार बातचीत हुई। अभी 27 और 28 अप्रैल को हम रायपुर में रहेंगे. जहां पंचायत स्थल है वहां पर पंचायत करेंगे। इसके साथ ही राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार उन को तंग ना करें। पुलिस प्रशासन के दबाव में उन किसानों को तंग ना करें। हम किसानों से भी बात करेंगे और सरकार के साथ ही बैठकर बातचीत करेंगे और इसका एक रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे। वहीं राकेश टिकैत ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि सभी किसान संगठित होकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करें और सरकार से बातचीत का एक रास्ता निकालें।