
रायपुर। राज्य सेवा परीक्षा-2019 की मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद अब अग्र-मान्यता के आवेदन में त्रुटि सुधार का एक और अवसर दिया गया है। 24 अगस्त अंतिम तिथि तय हुई थी। लेकिन अभ्यर्थियों की मांग पर फिर से अवसर देने का फैसला आयोग ने किया है। बुधवार दोपहर 12 बजे से 27 अगस्त रात 11.59 बजे तक अग्र-मान्यता में सिर्फ एक बार सुधार कर सकते हैं। इसके बाद सुधार संबंधी आवेदन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं होगा। 242 पदों के लिए 2 सितंबर से इंटरव्यू शुरू होगा।
मुख्य परीक्षा में शामिल हुए 3804 में से 732 उम्मीदवारों का साक्षात्कार होगा। इसके लिए आयोग अलग से टाइम-टेबल जारी करेगा। इंटरव्यू दिनांक से एक दिन पहले मूल दस्तावेज सत्यापन कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने वालों को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही उम्मीदवारों को अब राज्य की 18 सेवाओं में से वरीयता का निर्धारण करना होगा। यह लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर जारी एक लिंक के जरिए ऑनलाइन ही करना है। यह वरीयता देने के लिए भी सूचना अलग से दी जाएगी।
दरअसल, यह भर्ती प्रक्रिया सालभर से अटकी थी, क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा में मेरिट लिस्ट को लेकर कई उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। न्यायालय के आदेश के बाद आयोग द्वारा जारी प्रारंभिक परीक्षा के पहले प्रावीण्य सूची में 187 नए उम्मीदवारों को जोड़ा गया। पहले 3617 अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए आयोग ने क्वालिफाई किया था। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद दूसरी बार मेरिट लिस्ट जारी की गई और उम्मीदवारों की संख्या बढ़कर 3804 हो गई।