
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर बूढ़ातालाब धरनास्थल पर 45 दिनों से विद्युत संविदा कर्मचारी अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे है। वहीं विद्युत संविदा कर्मचारियों के आंदोलन को पुलिस द्वारा बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है। आज सुबह पुलिस और कर्मचारियों के बीच झूमाझटकी हुई है। इस बीच पुलिस ने धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। जिसमें से करीब 40 प्रदर्शनकारियाें को हिरासत में लेकर जेल में डाल दिया गया। पुलिस धरनास्थल पर लगे पंडाल भी साथ ले गई। बताया जा रहा है कि जिस भवन में प्रदर्शनकारी रुके हुए हैं वहां भी पुलिस पहुंची और लाठीचार्ज किये और 10 -12 प्रदर्शनकारियों को उठा कर ले गए। पुलिस की लाठीचार्ज में 15 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल होने की भी सूचना है।
बता दें, विद्युत् संविदा कर्मी अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं संविदा विद्युतकर्मी शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास घेरने निकले। जिन्हे पुलिस द्वारा स्मार्ट सिटी ऑफिस के पास ही रोक लिया गया। वहीं इनके इस आंदोलन में फर्जी आइडी लेकर आधा दर्जन से अधिक लोगों के घुसने से बवाल मच गया। आंदोलनरत कर्मियों के अनुसार, इन लोगों ने आंदोलन के एजेंडे से हटकर नारे लगाए।
इन्होंने आरोप लगाया कि उक्त लोग, प्रदर्शन को खराब करने का प्रयास कर रहे थे। इस बात को लेकर बवाल मच गया। इस बीच अवसर मिलने पर ये लोग भीड़ के बीच से निकल भागे। विद्युतकर्मियों ने आरोप लगाया कि हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन में विघ्न डालने के लिए षड़यंत्र रचा जा रहा है।
शुक्रवार को प्रदर्शन में बैठे एक व्यक्ति की माता का निधन हो गया था। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाए जिससे वे उनकी समस्याओं को सुनकर उसका निराकरण कर सकें। जिसको लेकर विद्युत संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार की रात सड़क पर बैठकर रात बिताई। फिर आज सुबह आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। और पुलिस उनपर लाठी बरसाई।