
रायपुर। भूपेश कैबिनेट की आज बैठक हुई जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. वहीं अब सरकार प्रदेश में हुक्काबार के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) छत्तीसगढ़ संशोधन विधेयक-2021 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
छत्तीसगढ़ में अब हुक्का बार बैन होंगे, भूपेश सरकार हुक्का बार को लेकर अब एक नए क़ानून को ला रही है जिसके तहत हुक्का बार चलाना गैर कानूनी होगा। नए क़ानून के दायरे में हुक्का बार में पीने वाले भी आएंगे। हुक्का बार को लेकर अब तक कोई कड़ा क़ानून ना होने से और सीधे प्रतिबंध की विधिक औपचारिकता ना होने से पुलिस और प्रशासन के लिए मुश्किलें आ रही थीं। इन सब पर अब तक कोटपा एक्ट के तहत कार्यवाही हो रही थी, लेकिन वह इतना प्रभावशाली नहीं था कि उसपर सही तरीके से अंकुश नहीं लग रहा था। अब राज्य सरकार ने कोटपा एक्ट में संशोधन किया है।
क्या है इस कोटपा संशोधन एक्ट में
इस संशोधन में अब हुक्का बार चलाने पर अधिकतम तीन साल की सजा है और पचास हज़ार रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नए कानून की जद में केवल हुक्का बार चलाने वाले ही नहीं बल्कि वहाँ बैठकर हुक्का पीने वाले भी आएंगे। प्रावधान किया गया है कि, हुक्का बार में बैठकर पीने वाले को अधिकतम पाँच हज़ार का जुर्माना देना होगा। इस संशोधित एक्ट से अब कोटपा संज्ञेय अपराध में तब्दील हो गया है। अब इस मामले में पुलिस एफआईआर कर सकेगी।
इससे पहले कोटपा में इस्तग़ासा (एक प्रकार का नोटिस) जारी होता था, जिसमें दो सौ रुपए से पाँच सौ रुपए तक का जुर्माना होता था। राज्य सरकार ने संशोधन एक्ट को कैबिनेट में स्वीकृत कर दिया है। आगामी विधानसभा सत्र के अंतिम दो कार्यदिवस में इसे सरकार पेश कर कानून का रुप दे देगी।