BREAKING : टेरर फंडिंग मामले में 9 साल बाद आरोपी गिरफ्तार, रायपुर पुलिस ने झारखंड से पकड़ा, आतंकवादी संगठन सिमी से जुड़े हैं तार

रायपुर। टेरर फंडिंग मामले में रायपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। 9 वर्षो से फरार टेरर फंडिंग के अंतर्राज्यीय आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 में खमतराई थाना में दर्ज अपराधटेरर फंडिंग का फरार मुख्य आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा है। आरोपी की तलाश कई एजेंसियां कर रही थी जिसे रायपुर पुलिस झारखंड से गिरफ्तार किया है।
जानकरी के अनुसार, टेरर फंडिंग का अंतर्राज्यीय आरोपी श्रवण कुमार मण्डल 09 वर्षो से फरार फरार था। जिसे पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2013 में खमतराई थाना में टेरर फण्डिंग का अपराध दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में पूर्व में 05 आरोपी धीरज साव, जुबैर हुसैन, आयशा बानो, पप्पू मण्डल एवं राजू खान को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रकरण में न्यायाल द्वारा आरोपी धीरज साव, जुबैर हुसैन एवं आयशा बानो को 10 वर्ष कारावास की सजा दी गई है। प्रकरण में आरोपी श्रवण कुमार मण्डल वर्ष 2013 से लगातार चल रहा था फरार। आरोपी श्रवण कुमार मण्डल के बैंक खाता में लाखों रूपये के लेन-देन का विवरण है। आरोपी श्रवण कुमार मण्डल अपने बैंक खाता से आतंकवादी संगठन सिमी इंडियन मुजाहीद्दीन से जुड़े अन्य लोगों के बैंक खातों में लाखों रूपये स्थानांतरित किया है।
पुलिस ने श्रवण कुमार मण्डल को देवघर झारखण्ड से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड में रायपुर लाया गया है। आरोपी से आतंकवादी संगठन से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। आरोपी श्रवण कुमार मण्डल के विरूद्ध टेरर फण्डिंग मामले में ई.डी. ने भी मामला दर्ज किया है। ई.डी. द्वारा दर्ज मामले में आरोपी ने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किया गया।
आरोपी श्रवण कुमार मण्डल के कब्जे से 01 नग मोबाईल फोन, आधार कार्ड एवं ड्रायविंग लायसेंस जब्त किया गया है। आरोपियों के विरूद्ध थाना खमतराई में अपराध क्रमांक 567/2013 धारा 17, 40 विधि विरूद्ध क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1967 एवं धारा 419 भादवि., 66 ग आई टी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।