
हाल ही में यूपी विधानसभा स्पीकर ह्रदय नारायण का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। वायरल वीडियो में उन्होंने महात्मा गांधी की तुलना राखी सावंत से कर डाली जिसको लेकर उन्होंने रविवार को देर रात कई ट्वीट कर अपनी सफाई दी।
दरअसल उन्होंने भाषण में कहा कि अगर कोई कम कपड़े पहनने से महान बन जाता तो राखी सावंत आज महान होती। उन्होंने कहा कि गांधी जी बहुत कम कपड़े पहनते थे, वह सिर्फ एक धोती लपेटते थे और देश उन्हें बापू कहता था। अगर कोई व्यक्ति कम कपड़े पहन कर बड़ा बन सकता है, तो राखी सावंत (Rakhi Sawant) महात्मा गांधी से बड़ी हो जाती। इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दीक्षित ने ट्वीट कर सफाई दी है।
उन्होंने कहा प्रबुद्ध वर्ग पुरातन से समाज का आराध्य रहा है, लेकिन आराध्य राजनीति और वोट बैंक के साधन नहीं है. समाज सदैव उनकी पूजा अर्चना अर्थात सम्मान करता रहा. हृदय नारायण दीक्षित ने उन्नाव के बांगरमऊ में हाल ही में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘प्रबुद्ध सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा मेरा मानना है कि किसी विषय पर किताब लिखने-पढ़ने से कोई व्यक्ति प्रबुद्ध नहीं हो जाता। अगर ऐसा होता तो मैंने कम से कम 6,000 पुस्तकें पढ़ी हैं। मगर मैं इतने वर्षों में प्रबुद्ध व्यक्ति नहीं बन पाया। उन्होंने कहा की हमारा देश गौतम बुद्ध का सदियों से अनुयायी रहा है.
महात्मा बुद्ध ने हमें सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया है. उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से हम राष्ट्रवादी हैं. हमारे आराध्य वोट बैंक के साधन नहीं है, बल्कि प्रबुद्ध वर्ग का सम्मान करना हम सब का कर्तव्य है.उन्होंने कहा कि राम पर आस्था न रखने वाले राम-राम चिल्ला रहे हैं. विधानसभा स्पीकर यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि, ‘राम को न मानने वाले भी अब सीधे अयोध्या जाकर राम-राम चिल्लाने लगे हैं. उनकी पार्टी भाजपा के नेताओं ने देश के मूलभूत सिद्धांतों को विश्व पटल पर रखा है. जिससे भारत देश विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है.