प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के बाद पुलिस की सफाई, बताया काफी समझाइश के बावजूद नहीं माने, रात भर सड़क बाधित कर बैठे रहे…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर बूढ़ातालाब धरनास्थल पर 45 दिनों से विद्युत संविदा कर्मचारी अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे है। वहीं आज सुबह पुलिस और कर्मचारियों के बीच झूमाझटकी हुई और पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। जिसके बाद से प्रदेश में यह मुद्दा गरमा गया है। वहीं इस बीच पुलिस की ओर से इस मामले को लेकर बयान जारी किया गया है।
पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि विद्युत संविदाकर्मियों के द्वारा कल शाम बिना अनुमति रैली निकाल घेराव किए जाने की कोशिश को रोकने के लिए पुलिस बल द्वारा स्मार्ट सिटी कार्यालय के पास रोका गया था। आंदोलनकारी वहीं सड़क पर बैठ गए। समझाने के काफ़ी प्रयास के बाद भी नही माने। रात भर रोड बाधित कर के सड़क पर बैठ गए जिससे आने जाने वालों को काफ़ी परेशानी हुई।
आज सुबह आंदोलनकारी उग्र प्रदर्शन नारेबाज़ी करते हुए अलग अलग टुकड़ों में होकर शासकीय संस्थान के घेराव का प्रयास करने लगे जिसे पुलिस बल द्वारा रोका गया। बिना अनुमति आंदोलन कर रहे लोगों को खदेड़ा गया। कुछ मुख्य लोगों को गिरफ़्तार कर जेल परिसर ले जाया गया है। आवागमन बाधित करने का अपराध दर्ज किया गया है।
विद्युत संविदाकर्मियों के द्वारा लगभग 1 माह से धरना किया जा रहा है जिसमें उनकी माँगों को लेकर CSPDCL के अधिकारियों एवं प्रशासन के अधिकारियों से कई बार चर्चा हो चुकी है।
उल्लेखनीय है क़ि, संविदा कर्मियों की 5 में से 3 माँग पर कार्यवाही करते हुए, संविदा वेतन बढ़ाना, कार्य के दौरान दुर्घटना में उपचार व्यय की प्रतिपूर्ति, मृत्यु के स्तिथि में मुआवज़ा सम्बन्धी माँग मानी जा चुकी है तथा क्रियान्वयन आदेश भी जारी हो चुका है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में नियमितिकरन की प्रक्रिया निरस्त की गयी है, जिससे संघ को बैठक कर अवगत भी कराया गया तथा हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध भी किया गया। संघ को यह भी बताया गया कि, श्रम न्यायालय द्वारा भी हरताल को अवैध घोषित करते हुए पुनः कार्य पर उपस्थित होने के निर्देश संघ एवं सम्बंधित को दिए गए हैं।
फिर भी इनके द्वारा उग्र आंदोलन कर बार बार व्यवस्था बिगाड़ी जा रही है। अलग अलग दिन 5 बार इनके द्वारा सड़क पर बैठ कर आवागमन बाधित किया गया है जिससे आसपास के रहने वालों में काफ़ी आक्रोश भी है।