
गरियाबंद। बॉलीवुड की एक मूवी वेलडन अब्बा आई थी। इस मूवी में गांव में सरकारी रुपयों से बावड़ी (कुआं) का निर्माण कराया जाता है, लेकिन मौके पर वह मिलती ही नहीं। वह चोरी की एफआईआर दर्ज कराने थाने जाते हैं। एक ऐसा ही मामला गरियाबंद में भी सामने आया है। यहां पंचायत ने 1.96 लाख रुपए से नाली और कूड़ेदान का निर्माण कराया। ग्रामीण देखने पहुंचे तो मिला ही नहीं। इसके बाद ग्रामीण चोरी की शिकायत लेकर थाने पहुंच गए।
जानकारी के मुताबिक मैनपुर जनपद के बुरजाबहाल पंचायत के ग्रामीण वीर सिंह बघेल, कमलधर नागेश, केशरी साहू और दया मांझी सहित अन्य लोग देवभोग थाने पहुंच गए। वहां उन्होंने थाना प्रभारी को चोरी की एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया। इसमें बताया कि उनके गांव में बनाई गई नाली और कूड़ेदान चोरी हो गया है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की मदद चाहिए। संभवतः यह पहला मामला होगा, जब सरकारी धन से कराए गए निर्माण कार्य को ढूंढने के लिए पुलिस की मदद मांगी गई।
पुलिस को दिए आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि 14वें वित्त मद से इसी साल 6 जून को नाली निर्माण की एवज में हिमाती ट्रेडर्स को 1.56 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। पंचायत रिकार्ड में बताया गया है कि यह भुगतान छवि घर से इमली पेड़ और देवगुड़ी से नाला तक नाली निर्माण कार्य के लिए किया गया है। ऐसे ही 40 हजार रुपए का भुगतान बरबहाली सरपंच पुनीत राम सिन्हा की फर्म को कूड़ेदान निर्माण के लिए खरीदे गए मेटेरियल के लिए किया गया है, पर वहां दोनों ही निर्माण कार्य नहीं मिले। इसकी शिकायत करने ग्रामीण पहुंचे थे।